Tuesday, 24 December 2013

हिन्दी मे शुभ सवेरा शायरी





शुभ सवेरा

होते ही सवेरा चिड़िया चहकीं,
फूल खिले और कलियाँ महकीं,
गुन -गुन करता भौरा आया,
भोर का उसने गीत सुनाया.
पंख फैलाये तितली उड़ती,
इधर, कभी उधर को मुड़ती.
नींद में खोई दुनिया जागी,
रोज के अपने काम को भागी.
देर तलक कुछ लोग हैं सोते,
सुबह का सुन्दर दृश्य हैं खोते.
ठंडी ठंडी पवन बहे जो,
स्वस्थ्य रह...

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