Tuesday, 4 February 2014

अश्क हिंदी शायरी

  अश्क  शायरी

नींद आँखों में नहीं ख़्वाब खो गए;
तन्हा ही थे, कुछ तेरे बिन हम हो गए;
दिल कुछ तड़प उठा, ज़ुबान भी लड़खड़ाई;
तेरी याद में दो आँसू चुपके से बह गए।

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