Thursday, 30 April 2015

बेबफा शायरी


तेरा दिल उदास क्यों है?
तेरी आँखों में प्यास क्यों है?
जो छोड़ गया तुझे मझदार में ,
उससे मिलने की आस क्यों है ?
जो दे गया दर्द ज़िन्दगी भर का,
वही तेरे लिए ख़ास क्यों है ??

Wednesday, 15 April 2015

हिंदी में दर्द भरी शायरी


पानी में विस्की मिलाओ तो नशा चड़ता है,
पानी में रम मिलाओ तो नशा चड़ता है,
पानी में ब्रेंड़ी मिलाओ तो नशा चड़ता है,
साला पानी में ही कुछ गड़बड़ है…

कुछ दर्द भरी हिन्दी शायरी


जाने कभी गुलाब लगती हे
जाने कभी शबाब लगती हे
तेरी आखें ही हमें बहारों का ख्बाब लगती हे
में पिए रहु या न पिए रहु,
लड़खड़ाकर ही चलता हु
क्योकि तेरी गली कि हवा ही मुझे शराब लगती हे